पशुओं में गांठदार त्वचा रोग (लंपी स्किन डिजीज) फैला हुआ है। जिले में भी जांच के दौरान कुछ पशुओं में इस रोग के लक्षण मिले हैं। हालांकि विभाग के पास बीमारी के कारण किसी पशु की मौत होने की सूचना नहीं है। इसलिए पशुपालक और गोशाला संचालकों को हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र सोनीपत और पशुपालन विभाग द्वारा जागरूक किया जाएगा। इससे पशुपालक सावधानी बरतते हुए पशुओं को संक्रमित होने से रोक सके।

गोवंश में कई जिलों में यह रोग फैला हुआ है। इस बीमारी के चपेट में आने से पशुओं की मौत भी हो रही है। इसलिए पशुपालकों में बीमारी ने चिता बढ़ा दी है। यह बीमारी एक पशु से दूसरे पशु में फैलती है, इसलिए एक पशु संक्रमित होता है तो उसके साथ रहने वाले अन्य पशु भी संक्रमित हो सकते हैं। इसलिए पशु चिकित्सक द्वारा पशुपालकों को बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर पशुओं को अलग रखे। पशुपालन विभाग के पशु रोग जांच अधिकारी डा. गौरी चंद्रात्रे ने बताया कि पशुओं की बीमारी लंपी गांठदार त्वचा रोग के बचाव व नियंत्रण के लिए पशुपालन विभाग के उप-निदेशक कार्यालय स्थित ट्रेनिग रूम में 19 अगस्त को जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।