लंपी वायरस

lampi virus: कोरोना वायरस जैसी खतरनाक महामारी से जूझने के बाद स्थिति कुछ सामान्य होनी शुरू हुई थी कि अब बेजुबान जानवरों पर लम्पी वायरस जैसी बीमारी का कहर टूट पड़ा है। आजकल देश में खासकर राजस्थान और गुजरात समेत 10 अलग अलग राज्यों में इस जानलेवा बीमारी का संक्रमण हो चूका है। हमारे देश के अतिरिक्त अन्य देशों में भी इस बीमारी (lampi virus) के चलते अभी तक बड़ी संख्या में दुधारू पशुओं की जान जा चुकी है। ये एक लाइलाज बीमारी है जिसका अभी तक कोई भी एंटीडोट नहीं तैयार किया जा सका है।

कैसे फैलता है लम्पी वायरस (lampi virus)??

लम्पी वायरस एक संक्रमित रोग है जो एक पशु से दुसरे पशु को हो जाता है। जानकारी के लिए बता दें कि इसका संक्रमण मुख्य रूप से मच्छरों, मक्खियों, तत्तैयो, जूं आदि से फैल सकता है। इसके अलावा पशुओं के सीधे संपर्क में आने से भी फ़ैल सकती है। खासकर साथ खाने / दूषित खाने और पानी के सेवन करने से भी ये बीमारी फ़ैल सकती है। Lumpy Virus एक बहुत ही तेजी से फैलने वाला वायरस है। वर्तमान में 15 से भी अधिक राज्यों में इस बीमारी के फैलने की पुष्टि हो चुकी है। इस बीमारी से पशुओं को बचाने के लिए समय पर लक्षणों की पहचान कर उनके आधार पर इलाज शुरू कर देना ही एकमात्र तरीका है।

lampi virus के लक्षण?

Lumpy Virus से संक्रमित पशुओं में ये लक्षण

  • लम्पी वायरस से संक्रमित पशुओं को संक्रमण के बाद तेज बुखार बना रहता है।
  • दूध की मात्रा में अत्यधिक कमी आती है।
  • पशुओं की त्वचा पर चकत्ते और गांठे बन जाती हैं।
  • भूख कम लगना।
  • पशु के पैरों में सूजन और लंगड़ापन आना।
  • नर पशु में कार्य करने की क्षमता कम होना।
  • पशुओं के वजन में कमी आती है।
  • लार बहना और आँख नाक से पानी आना भी इसके मुख्य लक्षणों में से एक है।
  • इसके अतिरिक्त अलग अलग पशुओं में अलग अलग लक्षण भी देखने को मिल सकते हैं।
क्या है लम्पी वायरस से बचाव ?

यहाँ जानिए लम्पी वायरस से अपने पशुओं के बचाव (Lumpy Virus Treatment) का तरीका।

  • यदि कोई पशु संक्रमित हो जाए तो उसे अन्य पशुओं से दूर/ अलग रखें।
  • पशुओं के स्थान को नियमित साफ़ सुथरा रखने का प्रयास करें।
  • मक्खी मच्छर आदि को खत्म करने के लिए समय समय पर स्प्रे या ऐसे ही किसी अन्य कोई घरेलु उपायों का प्रयोग करें।
  • यदि किसी संक्रमित पशु की मृत्यु हो जाये तो आप उसके शव को खुले में ना डालें बल्कि उसे गहरे में दफना दें। जिससे सक्रमण का खतरा न रहे।
  • समय समय पर आस पास के क्षेत्रों में कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव करें।
  • चिकित्सक के निर्देश पर आप अपने संक्रमित पशुओं को गोटपॉक्स वैक्सीन लगवा सकते हैं।
  • पशुओं को मल्टी विटामिन की दवाइयां भी दी जा सकती हैं (चिकित्सक के परामर्श के साथ) जिससे कि उनकी इम्युनिटी बढ़ सके।
  • lampi virus से बचने के लिए एंटीबायोटिक्स, एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीहिस्टामिनिक दवाएं भी दी जा रही हैं।