कार्य क्रियान्वयन

 गौ -संरक्षण

गौशाला पहुँचने वाले प्रत्येक अनाश्रित, अपंग, लाचार, दुर्घटनाग्रस्त एवं कत्लखानों में जाने से छुड़ाए गये गोवंश को सर्वप्रथम यहीं प्रवेश मिलता है। चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार के पश्चात गोवंश को उनकी शारीरिक स्थिति एवं सेवा-सुश्रुषा की आवश्यकता के अनुसार बनाई गई विभिन्न श्रेणियों के विभागों में भेजा जाता है तथा गंभीर स्थिति वाले गोवंश को पूर्ण स्वास्थ्य लाभ मिलने तक विशेष ध्यान दिया जाता है।

 

गौपालन

गौशाला पहुँचने वाले प्रत्येक अनाश्रित, अपंग, लाचार, दुर्घटनाग्रस्त एवं कत्लखानों में जाने से छुड़ाए गये गोवंश को सर्वप्रथम यहीं प्रवेश मिलता है। चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार के पश्चात गोवंश को उनकी शारीरिक स्थिति एवं सेवा-सुश्रुषा की आवश्यकता के अनुसार बनाई गई विभिन्न श्रेणियों के विभागों में भेजा जाता है तथा गंभीर स्थिति वाले गोवंश को पूर्ण स्वास्थ्य लाभ मिलने तक विशेष ध्यान दिया जाता है।

 

 गोसंवर्धन

गौशाला पहुँचने वाले प्रत्येक अनाश्रित, अपंग, लाचार, दुर्घटनाग्रस्त एवं कत्लखानों में जाने से छुड़ाए गये गोवंश को सर्वप्रथम यहीं प्रवेश मिलता है। चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार के पश्चात गोवंश को उनकी शारीरिक स्थिति एवं सेवा-सुश्रुषा की आवश्यकता के अनुसार बनाई गई विभिन्न श्रेणियों के विभागों में भेजा जाता है तथा गंभीर स्थिति वाले गोवंश को पूर्ण स्वास्थ्य लाभ मिलने तक विशेष ध्यान दिया जाता है।

 

पंचगव्य संकलन

गौशाला पहुँचने वाले प्रत्येक अनाश्रित, अपंग, लाचार, दुर्घटनाग्रस्त एवं कत्लखानों में जाने से छुड़ाए गये गोवंश को सर्वप्रथम यहीं प्रवेश मिलता है। चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार के पश्चात गोवंश को उनकी शारीरिक स्थिति एवं सेवा-सुश्रुषा की आवश्यकता के अनुसार बनाई गई विभिन्न श्रेणियों के विभागों में भेजा जाता है तथा गंभीर स्थिति वाले गोवंश को पूर्ण स्वास्थ्य लाभ मिलने तक विशेष ध्यान दिया जाता है।

 

स्वावलम्बन

गौशाला पहुँचने वाले प्रत्येक अनाश्रित, अपंग, लाचार, दुर्घटनाग्रस्त एवं कत्लखानों में जाने से छुड़ाए गये गोवंश को सर्वप्रथम यहीं प्रवेश मिलता है। चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार के पश्चात गोवंश को उनकी शारीरिक स्थिति एवं सेवा-सुश्रुषा की आवश्यकता के अनुसार बनाई गई विभिन्न श्रेणियों के विभागों में भेजा जाता है तथा गंभीर स्थिति वाले गोवंश को पूर्ण स्वास्थ्य लाभ मिलने तक विशेष ध्यान दिया जाता है।

 

पर्यावरण संरक्षण

गौशाला पहुँचने वाले प्रत्येक अनाश्रित, अपंग, लाचार, दुर्घटनाग्रस्त एवं कत्लखानों में जाने से छुड़ाए गये गोवंश को सर्वप्रथम यहीं प्रवेश मिलता है। चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार के पश्चात गोवंश को उनकी शारीरिक स्थिति एवं सेवा-सुश्रुषा की आवश्यकता के अनुसार बनाई गई विभिन्न श्रेणियों के विभागों में भेजा जाता है तथा गंभीर स्थिति वाले गोवंश को पूर्ण स्वास्थ्य लाभ मिलने तक विशेष ध्यान दिया जाता है।