गोसंरक्षण

पूज्य बापूजी के कथनानुसार गोमाता को हम नहीं पालते गोमाता हमें पालती है. इसी बात को चरितार्थ करते हुए गौशालाओं को स्वावलंबी बनाने हेतु पंचगव्य उत्पादों, केचुआ खाद निर्माण व गोबर गैस संयंत्र द्वारा विद्युत निर्माण आदि कार्यक्रम प्रारंभ किये गये, इसी बिन्दुओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न पहलुओं पर कार्य प्रारंभ किया गया.

· गाय को स्वावलंबी और उपादेय बनाने के लिए इसे ‘अर्थ’ से जोड़ना होगा.

पूज्य बापूजी के कथनानुसार गोमाता को हम नहीं पालते गोमाता हमें पालती है. इसी बात को चरितार्थ करते हुए गौशालाओं को स्वावलंबी बनाने हेतु पंचगव्य उत्पादों, केचुआ खाद निर्माण व गोबर गैस संयंत्र द्वारा विद्युत निर्माण आदि कार्यक्रम प्रारंभ किये गये, इसी बिन्दुओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न पहलुओं पर कार्य प्रारंभ किया गया.

· गाय को स्वावलंबी और उपादेय बनाने के लिए इसे ‘अर्थ’ से जोड़ना होगा.

· गोबर व गौमूत्र से निर्मित उत्पादों जैसे :- साबुन, अंगराग पाउडर, शैम्पू , पंचगव्य घृत, दन्त मंजन, गोमय तेल, गौमूत्र अर्क, गौमूत्र आसव, घनवटी, डाईबिटीज टेबलेट्स, मलहम, गौचन्दन धूपबत्ती, स्प्रे, फिनायल, कीटनाशक, केंचुआ खाद, जैविक खाद आदि.

· देशी गाय के दुग्ध उत्पादों दूध, घी, छाछ आदि.

· इन विभिन्न उत्पादों को बाजार में लाना व इसकी उपयोगिता को समाज में प्रचार प्रसार करना.

· तथा साथ ही इन उत्पादों की बिक्री के लिए एक समानान्तर मार्केटिंग व्यवस्था बनाकर खुलकर राष्ट्रिय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उतारा जाना.· जिससे गौशालाओं को स्वावलम्बी बनाया जा सकें.

· गोबर व गौमूत्र से निर्मित उत्पादों जैसे :- साबुन, अंगराग पाउडर, शैम्पू , पंचगव्य घृत, दन्त मंजन, गोमय तेल, गौमूत्र अर्क, गौमूत्र आसव, घनवटी, डाईबिटीज टेबलेट्स, मलहम, गौचन्दन धूपबत्ती, स्प्रे, फिनायल, कीटनाशक, केंचुआ खाद, जैविक खाद आदि.

· देशी गाय के दुग्ध उत्पादों दूध, घी, छाछ आदि.

· इन विभिन्न उत्पादों को बाजार में लाना व इसकी उपयोगिता को समाज में प्रचार प्रसार करना.

· तथा साथ ही इन उत्पादों की बिक्री के लिए एक समानान्तर मार्केटिंग व्यवस्था बनाकर खुलकर राष्ट्रिय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उतारा जाना.· जिससे गौशालाओं को स्वावलम्बी बनाया जा सकें.